पेसराट्टू; Healthy and Gluten-Free: How Pesarattu Can Revolutionize Your Breakfast Routine! 1

पेसराट्टू दक्षिण भारतीय व्यंजनों के क्षेत्र में एक स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ते के रूप में बहुत खाया जाता है । आंध्र प्रदेश में पेसरट्टू मूंग दाल से बनाया है जिसने अपने अलग स्वाद और स्वास्थ्य लाभों के कारण लोकप्रिय है।

इस लेख में, हम पेसारट्टू के चमत्कार पौष्टिक तत्वों और इसकी पोषण संबंधी प्रोफ़ाइल और यह आपके नाश्ते की दिनचर्या को कैसे बदल सकता है, इसके बारे में बात करेंगे।

ग्लूटेन-फ्री :

ग्लूटेन-फ्री आहार का पालन करने वाले लोग या जिन लोगों को ग्लूटेन से परेशानी है उन लोगो के लिए पेसराट्टू एक अच्छा नाश्ता है.

गेहूं से बने पैनकेक या डोसा के मुकाबले , पेसरट्टू प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री होता है है, जो इसे एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प है।

इसका मुख्य घटक मूंग दाल न केवल एक अच्छा स्वाद देता है है बल्कि पोषण संबंधी गुण भी प्रदान करता है।पेसराट्टू Pesarattu

पोषण संबंधी गुण :

पेसराट्टू एक पोषण संबंधी पावरहाउस मन जाता है, क्योकि इसमें कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की क्षमता होती है।

इसमें प्रयोग होने वाली मूंग दाल प्रोटीन, आहार फाइबर और आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम सहित आवश्यक विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है।

पोषक तत्वों का यह भरपूर पेसराट्टू को एक पेट भरने वाला और पौष्टिक नाश्ता है जो आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

पेसराट्टू बनता कैसे है :

पेसराट्टू तैयार करना एक सीधी प्रक्रिया है। हरी मूंग दाल को रात भर भिगोकर रखना होता है और फिर इसे पीसकर मुलायम घोल बना लेते है।

फिर बैटर को गर्म तवे पर फैलाया जाता है और सुनहरा भूरा होने तक पकाया जाता है। जब यह पक जाता है तो पेसराट्टू को ऐसे ही खाया जा सकता है

या इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए इसमें कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, कसा हुआ अदरक और धनिया पत्ती जैसी विभिन्न प्रकार की स्वादिष्ट सामग्री डाली जा सकती है।

सुझाव :

पेसराट्टू को नारियल की चटनी, अदरक की चटनी, या तीखी मिर्च और टमाटर की चटनी के साथ खाया जाता है। पेसराट्टू को सांबर, दाल-आधारित सब्जी स्टू के साथ भी परोसा जाता है।

पेसारट्टू के स्वाद को और बढ़ने के लिए, आप पेसरट्टू ऊपर थोड़ा सा घी डालें जिससे इसका स्वाद और भी भड़ जाता है

बहुमुखी प्रतिभा:

आप अपने स्वाद अनुसार विभिन्न फिलिंग और टॉपिंग के साथ इसे बना सकते हैं।

एक स्वास्थ्यवर्धक ट्विस्ट के लिए, आप बैटर में कद्दूकस की हुई सब्जियाँ जैसे गाजर, पालक, या शिमला मिर्च डाल सकते है , जिससे इसका पोषण मूल्य और भी बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य सुविधाएं:

ग्लूटेन-फ्री होने के अलावा, पेसराट्टू कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। उच्च प्रोटीन सामग्री मांसपेशियों के विकास और मरम्मत को बढ़ावा देती है,पेसराट्टू Pesarattu

जबकि आहार फाइबर पाचन में सहायता करता है और आंतों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। पेसराट्टू का कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स रक्तप्रवाह में ग्लूकोज को निर्धारित करता है,

जिससे निरंतर ऊर्जा प्रदान होती है और रक्त शर्करा को बढ़ने से रोकता है।

सांस्कृतिक महत्व:
पेसराट्टू दक्षिण भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है और अक्सर त्योहारों और विशेष अवसरों के दौरान इसका आनंद लिया जाता है।

यह क्षेत्र की परंपराओं को प्रदर्शित करता है और इसके स्वादों की समृद्धि को दर्शाता है। पेसारट्टू को अपने नाश्ते की दिनचर्या में शामिल करके, आप न केवल एक स्वस्थ अपनाते हैं बल्कि दक्षिण भारत की सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ते हैं।

पेसराट्टू अपने जीवंत हरे रंग और अविश्वसनीय स्वाद के साथ, सिर्फ एक नाश्ते के व्यंजन से बहुत अधिक है। यह शाकाहारी नवीनता और पोषण से भरपूर है।

पेसराट्टू को अपने नाश्ते की दिनचर्या में शामिल करके, आप ग्लूटेन-फ्री भोजन का आनंद ले सकते हैं जो न केवल आपके स्वाद को बढ़ाता है बल्कि आपके शरीर को पोषण भी देता है।

पेसराट्टू बनाने की विद्धि:

पेसराट्टू बनाना बहुत ही आसान होता है इसे बनाने के लिए हमें चाहिये;

मूंग दाल                                               1 कप

चावल का आटा                                     1/4 कप

प्याज                                                    1 बारीक कटा हुआ

हरी मिर्च                                               1-2 बारीक कटी हुई

अदरक                                                 1 इंच कद्दूकस किया हुआ

धनिया पत्ती                                           एक मुट्ठी कटी हुई

नमक                                                    स्वाद अनुसार

तेल या देसी घी                                       4 से 5 चम्मच 

पेसराट्टू बनाने का तरीका:

सबसे पहले हम पेसराट्टू का बैटर तैयार करेंगे;

जिसके लिए हम मूंग दाल को एक रात पहले या 5 से 8 घंटे पानी में भिगो कर रख देना है इससे दाल नरम हो जाएगी।

भीगी हुई मूंग दाल को छान कर अच्छे से धो लेना है . फिर एक ब्लेंडर में डालकर इसके साथ 2 हरी मिर्च , नमक और अदरक डालकर हल्का सा दरदरा पेस्ट बना लें.

अब इसमें चावल का आटा डालकर जरुरत के हिसाब से पानी डालकर अच्छे मिला लें बैटर को 10 मिनट के लिए एक बाउल में निकलकर रख दें.

10 मिनट बाद बैटर थोड़ा और गहरा हो जायेगा कन्सिस्टेन्सी सेट करने के लिए इसमें पानी डालें। आपका बैटर इतना गाहड़ा होना चाहिए की जब बैटर से करछी निकालें तो करछी के उप्पेर एक पतली सी लेकर रह जाये।पेसराट्टू Pesarattu

बैटर में कटा हुआ प्याज और धनिया पट्टी को बारीक़ काट कर डालें और अच्छे से मिला लें।

लो आपके पेसराट्टू का बेटर तैयार है.

एक नॉन-स्टिक पैन या तवा को मीडियम आंच पर गर्म करें। पैन या तवा गर्म होने पर, तेल या घी की कुछ बूंदें छिड़कें और एक करछी भरकर पेसराट्टू के बैटर को सतह पर समान रूप से फैलाएं।

पेसारट्टू को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक किनारे सुनहरे भूरे और कुरकुरे न हो जाएं. किनारों के चारों ओर थोड़ा सा तेल या घी छिड़काए ।पेसराट्टू Pesarattu

पेसराट्टू अच्छे से पक जाए तब इसे पैन से निकालकर गरमा गरम पेसरट्टू को नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या अपनी पसंद की किसी भी चटनी के साथ परोसें।

लो जी आपका पेसराट्टू बनकर तैयार है.

और अधिक पोषण और स्वाद के लिए बैटर में गाजर, पालक, या शिमला मिर्च जैसी कद्दूकस की हुई सब्जियां डालकर बेझिझक रेसिपी को बनाये । आप अपनी पसंद के अनुरूप विभिन्न टॉपिंग और फिलिंग के साथ भीपेसराट्टू को बना सकते हैं।

आपको यह पेसराट्टू की रेसिपी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताये और अपने फूडी दोस्तों को ये पेसराट्टूकी एसीपी शेयर करना न भूलें।पेसराट्टू Pesarattu

धन्यवाद……..

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